
*भाजपा ने जिला कार्यालय सहित 12 मंडलों के 508 बूथों पर मनाई पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि एवं समर्पण दिवस*
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्णा। भारतीय जनता पार्टी द्वारा भाजपा के पितृपुरुष, प्रखर वक्ता, एकात्म मानववाद के प्रणेता एवं अंत्योदय के प्रेरणास्रोत पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि एवं समर्पण दिवस जिलेभर में श्रद्धा एवं संकल्प के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भाजपा जिला कार्यालय पांढुर्णा सहित जिले के 12 मंडलों के 508 बूथों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जिला कार्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया तथा विचार गोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष संदीप मोहोड़ ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय (25 सितंबर 1916 – 11 फरवरी 1968) महान भारतीय विचारक, दार्शनिक, पत्रकार एवं राजनीतिक नेता थे। उन्होंने एकात्म मानववाद का सिद्धांत दिया और अंत्योदय के विचार को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का विकास करना था। उन्होंने बताया कि पं. दीनदयाल भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष रहे तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ मिलकर संगठन को मजबूत किया।

पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र परमार ने कहा कि आज भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है, जिसके पीछे पंडित दीनदयाल उपाध्याय का संघर्ष और समर्पण है। एकात्म मानववाद का मंत्र लेकर भाजपा अंतिम व्यक्ति तक जनहितकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा” का संदेश पंडित दीनदयाल के विचारों की आत्मा है।

पर्यटन विकास पूर्व उपाध्यक्ष संतोष जैन ने भाजपा की 2 सीटों से बहुमत की सरकार तक की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज देश में चल रही भाजपा सरकारें जनसंघ के संघर्ष और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में सफल हुई हैं। उन्होंने पंडित दीनदयाल के जीवन संघर्ष एवं राष्ट्र सेवा के संकल्प को प्रेरणादायी बताया।
वरिष्ठ नेता मोरेश्वर मर्सकोले ने कहा कि भाजपा आज अपने विचारों और राष्ट्रवादी दृष्टिकोण के कारण देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी बनी है। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने निरंतर प्रवास कर राष्ट्रभावना और भारतीय विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाया।

वरिष्ठ नेता देवीदास राऊत ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय अत्यंत सरल, सौम्य और प्रभावशाली व्यक्तित्व के धनी थे। उनका जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण एवं निरंतर चिंतन का प्रतीक रहा।
कार्यक्रम के अंत में जिला अध्यक्ष संदीप मोहोड़, पूर्व जिला अध्यक्ष नरेंद्र परमार, पर्यटन विकास पूर्व उपाध्यक्ष संतोष जैन सहित समस्त जिला पदाधिकारियों द्वारा समर्पण निधि की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम का मंच संचालन जिला महामंत्री अनिल कुमरे ने किया, वहीं उपाध्यक्ष सीताराम कोरडे ने आभार प्रदर्शन कर कार्यक्रम का समापन किया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिला महामंत्री देवेंद्र गायकवाड, जिला उपाध्यक्ष यादवराव डोबले, सीताराम कोरडे, मायाताई राउत, रामकृष्ण वाकोडे, नगर पालिका अध्यक्ष संदीप घाटोडे, सोमेश्वर लोणकर, नरेश कलंबे, महेंद्र घोड़े, क्रांति ढोंडी, हर्षा बत्रा, सारिका घाटोडे, सिंधुताई डाबरे, सोनू परिहार, शकुंन बालपांडे, मंडल अध्यक्ष प्रकाश बंटी छगानी, रजत गोरे, बालाभाऊ ठाकरे, पंकज नायक, देवेंद्र बंबल, उमेश उरकूड़े, लोचन खवसे, भूपेंद्र करेरा, माधव पाटिल सहित बड़ी संख्या में ज्येष्ठ-श्रेष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे।